*भीलवाड़ा नीचा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन की स्थिति जर्जर और अध्यापकों के 9 पद रिक्त चल रहें हैं*

*भीलवाड़ा नीचा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन की स्थिति जर्जर और अध्यापकों के 9 पद रिक्त चल रहें हैं*

 

बारां जिले के छबड़ा उपखंड की ग्राम पंचायत भीलवाड़ा नीचा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की दिनों दिन हो रही दुर्दशा व जर्जर हालत। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भीलवाड़ा नीचा के कार्यवाहक प्रधानाचार्य राकेश कुमार भार्गव ने बताया कि सम्पूर्ण विद्यालय जर्जर हालत में पूरे विद्यालय भवन में पानी टपकता है, सरकारी रिकॉर्ड तक पानी में भीग जाता हैं l विद्यालय भवन की छत पट्टियों की हैं जो बहुत ज्यादा टपकती है और विद्यालय में छोटे-छोटे कमरे हैं।

 

स्थानीय विद्यालय भवन बहुत पुराना और जर्जर हो चुका हैं जिसकी वजह से गिरने की संभावना बनी रहती हैं। छात्र- छात्राओं और अध्यापकों के मन में हमेशा डर बना रहता हैं। विद्यार्थियों के बैठने की जगह नहीं है। विद्यालय भवन में छोटे-छोटे कक्षा- कक्ष (कमरे) है, जो विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त नहीं है और विद्यालय भवन सरकारी मापदंड के हिसाब से भी नहीं हैं, जबकि नये भवन निर्माण हेतु स्थान उपलब्ध है। जबकि विद्यालय को विद्यालय 12 वीं कक्षा तक होने के बाद भी आज तक नये भवन का निर्माण नहीं हो पाया। विद्यालय में अध्यापकों के कुल 19 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से मात्र 10 पद ही कार्यरत हैं और 9 पद रिक्त चल रहे हैं। प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। विद्यालय की इस स्थिति दशा और दुर्दशा के बारे में विद्यालय की ओर से शिक्षा विभाग एवं जनप्रतिनिधियों को और शिक्षा मंत्री जी को बार-बार अवगत कराया जा रहा, समस्त ग्रामीण भी अपने स्तर पर कहीं बार प्रयास कर चुके हैं और ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन विद्यालय की स्थिति में अभी तक कोई भी सुधार शिक्षा विभाग की ओर से नहीं किया गया। सबसे बड़ा सवाल ऐसी स्थिति में कैसे मिलेगी सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जिसके कारण विद्यार्थियों को मिलने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बाधा उत्पन्न होती है।

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